
भारत में किराया विवाद हर साल लाखों लोगों के लिए तनाव का कारण बनते हैं। इन्हीं समस्याओं को कम करने के लिए सरकार ने New Rent Rules 2025 (नया किराया कानून 2025) लाया है, जो किरायेदार और मकान मालिक—दोनों के अधिकारों को संतुलित करता है।
2025 का यह नया किराया कानून न केवल रेंट (Rent) सिस्टम को आधुनिक बनाएगा, बल्कि लाखों परिवारों और मकान मालिकों को कानूनी सुरक्षा भी देगा। इस कानून को पूरे भारत में लागू किया है.यानी “राज्यों का कानून” नहीं बल्कि “केंद्रीय रूप से” लागू किया है ।
यदि आप किरायेदार, मकान मालिक, ब्रोकर, या रियल एस्टेट प्रोफेशनल हैं, तो यह लेख आपके लिए एक पूरा आसान गाइड है।
New Rent Rules 2025 क्या है?
यह 2025 के नए किराया नियम (New Rent Rules 2025) हैं, जो Model Tenancy Act 2021 / New Rent Rules 2025 के आधार पर बनाए गए हैं. लेकिन यह पूरे भारत में स्वतः लागू नहीं हैं — हर राज्य को इसे अपनाना होता है.
New Rent Rules 2025 एक आधुनिक, डिजिटल और पारदर्शी कानून है, जिसे किराया समझौते से जुड़े विवादों को कम करने और दोनों पक्षों को सुरक्षा देने के लिए लाया गया है। इसमें डिजिटल रजिस्ट्रेशन, न्यूनतम सुरक्षा नियम, तेज़ निपटारा प्रणाली, और जुर्माना प्रावधान शामिल हैं।
मुख्य उद्देश्य:
- किराये की प्रक्रिया को सुरक्षित और पारदर्शी बनाना
- Online tenancy registration को अनिवार्य करना
- झूठी शिकायतें व अनावश्यक विवाद कम करना
- किराया बढ़ाने के नियमों को स्पष्ट करना
- मकान मालिक के अधिकारों को सुनिश्चित करना
- किरायेदार को मनमानी बेदखली से बचाना
New Rent Rules 2025 किन राज्यों में लागू होगा?
2025 में यह कानून केंद्रीय स्तर पर बनाया गया है, लेकिन इसे लागू करना राज्यों की मंजूरी पर निर्भर करता है। कई राज्यों जैसे महाराष्ट्र, दिल्ली, कर्नाटक, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, राजस्थान ने इस कानून को लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कुछ राज्यों में इसे आंशिक रूप से लागू किया जा रहा है, जबकि कई राज्य अभी समीक्षा कर रहे हैं।
किरायेदारों के लिए नए नियम (Tenants Rights 2025)
1. बिना लिखित एग्रीमेंट के किरायेदारी मान्य नहीं
अब Written Rent Agreement अनिवार्य है। मौखिक सहमति से दी गई किरायेदारी अवैध मानी जाएगी।
2. Rent Increase के साफ नियम
मकान मालिक अब मनमाने तरीके से किराया नहीं बढ़ा सकता।
- शहर: 5–7% प्रतिवर्ष
- टियर-2/3 सिटी: 3–5%
- कमर्शियल: समझौते के अनुसार
Example:
| यदि आपका मासिक किराया ₹10,000 है और Rent Agreement में कहा गया है कि किराया हर 12 महीने में बढ़ सकता है, तो landlord केवल अगली साल 12 महीनों के बाद, 90 दिन पहले written notice देकर ₹11,000 (10% increase) तक बढ़ा सकता है। Landlord अपनी मर्जी से अचानक ₹13,000 नहीं बढ़ा सकता। |
3. सुरक्षा जमा (Security Deposit) की सीमा
अब security deposit की सीमा तय की जा रही है:
- Metro Cities → 2–3 महीने
- अन्य शहर → 1–2 महीने
Example:
| Residential apartment: Monthly rent ₹15,000 Security deposit limit = 2 months rent = ₹30,000 |
4. मनमानी बेदखली रोक
किरायेदार को बिना नोटिस निकाला नहीं जा सकता।
- Minimum notice: 3 महीने
- बेदखली केवल कानूनी वजहों पर ही
Example:
| Amit tenant हैं। Landlord उन्हें 3 दिन में घर छोड़ने के लिए कहता है (illegal) सही तरीका: 90 days notice + valid reason इसके बाद ही tenant को legally evict किया जा सकता है। |
5. रसीद और भुगतान का रिकॉर्ड अनिवार्य
Rent Receipt देना जरूरी, चाहे cash या online भुगतान हो।
मकान मालिकों के लिए नए नियम (Landlord Rights 2025)

1. मकान नुकसान होने पर कार्रवाई आसान
किरायेदार द्वारा property damage की स्थिति में मकान मालिक compensation मांग सकता है।
2. किराया न देने पर बेदखली का नया सिस्टम
- 2 महीनों तक किराया न देने पर
- Online complaint + notice
- Fast-track eviction order
3. Tenant Verification अब अनिवार्य
किरायेदार का
- Police verification
- ID + Address proof
- Employment details
देना जरूरी होगा।
4. Sub-letting पर कड़ी सजा
किरायेदार मकान मालिक की अनुमति के बिना घर दूसरे को नहीं दे सकता।
उल्लंघन पर tenancy void + penalty।
Online Rent Registration System 2025
सरकार एक Online Tenancy Portal ला रही है जिसमें—
- Rent Agreement Upload
- Police Verification
- Deposit Details
- Rent Increase Entry
- Complaint System
सब एक ही जगह होगा।
Example:
| Priya और her landlord ने 2025 में digital registration किया। Agreement digitally signed Stamp duty online paid इससे दोनों के पास legal proof हो गया, कोई dispute होने पर आसानी से कानूनी कार्रवाई कर सकते हैं। |
New Rent Rules 2025 में जुर्माना (Penalty Rules 2025)
| उल्लंघन | जुर्माना |
| बिना लिखित एग्रीमेंट के किराए पर देना | ₹5,000 – ₹25,000 |
| पुलिस वेरिफिकेशन न कराना | ₹2,000 – ₹10,000 |
| अवैध बेदखली | ₹10,000 – ₹50,000 |
| Security Deposit सीमा का उल्लंघन | ₹5,000 – ₹20,000 |
| बिना अनुमति सब-लेटिंग | ₹10,000 – ₹40,000 |

New Rent Rules 2025 में क्या बदल गया? (Old vs New Law Comparison)
| पुराना सिस्टम | नया सिस्टम (2025) |
| मौखिक एग्रीमेंट आम था | लिखित एग्रीमेंट अनिवार्य |
| किराया मनमर्जी से बढ़ता था | तय नियमों अनुसार वृद्धि |
| पुलिस वेरिफिकेशन आवश्यक नहीं | अब अनिवार्य |
| बेदखली में वर्षों लगते थे | Fast-track eviction |
| Security deposit की कोई सीमा नहीं | शहर के अनुसार तय सीमा |
किरायेदार और मकान मालिक को किन दस्तावेजों की जरूरत होगी?
किरायेदार के Documents
- Aadhaar / PAN
- पिछला पता
- Job/Business Proof
Emergency Contact
मकान मालिक के Documents
- Property Ownership Proof
- Electricity/Water Bill
- Bank Account for rent
New Rent Rules 2025 में Register कैसे करें? (Step-by-Step Guide)
Step 1: Rent Agreement बनाएं
Step 2: Online Tenancy Portal पर जाएं
Step 3: दोनों पक्षों की जानकारी भरें
Step 4: Document Upload करें
Step 5: Police Verification पूरा करेंStep 6: Rent Registration ID प्राप्त करें
Step 6: Rent Registration ID प्राप्त करें
New Rent Rules 2025 — FAQs
1. क्या नया Rent Law पूरे भारत में लागू है?
नहीं। नया Rent Law पूरे भारत में अपने-आप लागू नहीं है। किराया कानून राज्य का विषय है, इसलिए हर राज्य को इसे अलग-अलग अपनाना पड़ता है।
2. क्या बिना Rent Agreement के किराया देना अवैध होगा?
नहीं। बिना Rent Agreement के किराया देना पूरी तरह अवैध नहीं है, लेकिन कानूनी सुरक्षा नहीं मिलती और विवाद होने पर समस्या हो सकती है।
3. क्या मकान मालिक अपनी मर्जी से किराया बढ़ा सकता है?
नहीं। मकान मालिक अपनी मर्जी से किराया नहीं बढ़ा सकता। किराया बढ़ाने के लिए Rent Agreement में शर्त होना और आमतौर पर लिखित नोटिस देना जरूरी होता है।
4. क्या security deposit की लिमिट अनिवार्य है?
नहीं। Security deposit की लिमिट हर जगह अनिवार्य नहीं है। यह राज्य के नियमों और Rent Agreement पर निर्भर करती है।
5. क्या किरायेदार को तुरंत घर खाली कराया जा सकता है?
नहीं। किरायेदार को तुरंत घर खाली नहीं कराया जा सकता। इसके लिए कानूनी प्रक्रिया और नोटिस अवधि का पालन करना जरूरी होता है।
6. क्या commercial property पर भी यह कानून लागू होगा?
हाँ, लेकिन शर्तों के साथ। Commercial property पर भी ये नियम लागू हो सकते हैं, अगर संबंधित राज्य ने नए Rent Rules / Model Tenancy Act को अपनाया हो।
Conclusion (निष्कर्ष)
New Rent Rules 2025 का उद्देश्य मकान मालिक और किरायेदार—दोनों के अधिकारों और जिम्मेदारियों को स्पष्ट करना है, ताकि किरायेदारी से जुड़े विवाद कम हों। ये नियम पारदर्शिता बढ़ाने, लिखित व पंजीकृत Rent Agreement को बढ़ावा देने और मनमाने किराया बढ़ाने जैसी समस्याओं पर रोक लगाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम हैं।
हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि ये नियम पूरे भारत में स्वतः लागू नहीं हैं। इनका वास्तविक प्रभाव इस बात पर निर्भर करता है कि आपके राज्य ने इन्हें अपनाया है या नहीं। इसलिए किसी भी निर्णय से पहले अपने राज्य के लागू नियमों और अपने Rent Agreement की शर्तों को जरूर जांचें।

कुल मिलाकर, यदि सही तरीके से लागू किए जाएं, तो New Rent Rules 2025 किराये की व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, संतुलित और भरोसेमंद बना सकते हैं—चाहे आप मकान मालिक हों या किरायेदार।
