भारत में बैंक से नकद पैसा निकालना (Cash Withdrawal) आज भी आम बात है, चाहे वह घरेलू खर्च के लिए निकाले या, अपने बिज़नेस पेमेंट के लिए या कोई इमरजेंसी जरूरत।
लेकिन बहुत से लोगों को ये नहीं पता होता कि बैंक से ज्यादा नकद पैसा निकालने पे कोनसे नियम लागु होते है। और किस सीमा के बाद Income Tax के नियम, TDS और रिपोर्टिंग लागू हो जाती है।

इस ब्लॉग में हम जानेके की Cash Withdrawal Limit क्या होती है। ओर Cash Withdrawal Limit के नियम लागु होते है। आशान भाषा में।
Cash Withdrawal Limit क्या होती है?
Cash Withdrawal Limit का मतलब है की किसी व्यक्ति या संस्था द्वारा एक निश्चित समय (दिन, महीना या वित्तीय वर्ष) में बैंक अकाउंट से निकाली जाने वाली अधिकतम नकद राशि।
यह लिमिट सभी के लिए एक जैसी नहीं होती, बल्कि यह कई बातों पर निर्भर करती है, जैसे:
- ATM Withdrawal
- Bank Branch Withdrawal
- Current Account / Saving Account
- Income Tax Rules के अनुसार
ATM से Maximum Cash Withdrawal Limit
ATM (Automated Teller Machine) के ज़रिए पैसा निकालना सबसे आसान और तेज़ तरीका माना जाता है। लेकिन बहुत से लोगों को यह जानकारी नहीं होती कि ATM से एक दिन (24 घंटे)में कितना अधिकतम कैश निकाला जा सकता है।
असल में, ATM Cash Withdrawal Limit बैंक, अकाउंट टाइप और आपके डेबिट कार्ड पर निर्भर करती है।

| अकाउंट / कार्ड टाइप | प्रतिदिन ATM Cash Withdrawal Limit |
| Saving Account | ₹20,000 – ₹40,000 |
| Current Account | ₹50,000 – ₹1,00,000 |
| Platinum / Premium Debit Card | ₹1,00,000 तक |
| Basic / Jan Dhan Account | ₹10,000 – ₹20,000 |
नोट:
- हर बैंक अपनी पॉलिसी के अनुसार लिमिट तय करता है
- कई बैंक अलग-अलग ATM से कुल लिमिट लागू करते हैं, न कि ATM-wise
बैंक Branch से Cash Withdrawal Limit
बैंक ब्रांच से आप बड़ी राशि निकाल सकते हैं, लेकिन यहां भी नियम लागू होते हैं।
सामान्य नियम:
| Cash Withdrawal Amount | जरूरी नियम / डॉक्यूमेंट |
| ₹50,000 तक | बिना किसी खास डॉक्यूमेंट के कैश निकासी संभव |
| ₹50,000 से ज्यादा | PAN Card अनिवार्य Withdrawal Slip / Cheque जरूरी |
| ₹10 लाख या उससे ज्यादा | बैंक इसकी रिपोर्ट करता है Income Tax Department की निगरानी में आता है |
Gov. और RBI ने ये नियम क्यू बनाए हैं?
- काले धन (Black Money) पर रोक लगाई जा सके
- टैक्स चोरी (Tax Evasion) को रोका जा सके
- बड़े कैश ट्रांजेक्शन पर निगरानी रखी जा सके
- डिजिटल पेमेंट सिस्टम को बढ़ावा दिया जा सके
- मनी लॉन्ड्रिंग जैसी अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण रखा जा सके
इन नियमों का उद्देश्य आम लोगों को परेशान करना नहीं, बल्कि नकद लेन-देन को नियंत्रित कर एक साफ और ट्रैक करने योग्य वित्तीय व्यवस्था बनाना है।
Income Tax के अनुसार Cash Withdrawal Limit
Income Tax Act के अनुसार बैंक से नकद (Cash) निकालने पर सीधे टैक्स नहीं लगता, लेकिन अगर आप तय सीमा से ज्यादा कैश निकालते हैं तो TDS (Tax Deducted at Source) लागू होता है। और बैंक उस ट्रांजेक्शन की रिपोर्ट Income Tax Department को करता है।
यह नियम मुख्य रूप से Section 194N के तहत लागू किए गए हैं। यह लिमिट एक वित्तीय वर्ष (1 अप्रैल से 31 मार्च) के लिए होती है।
1) अगर आपने ITR फाइल किया है
अगर आपने पिछले वर्षों में Income Tax Return (ITR) फाइल किया है, तो:
| Cash Withdrawal Amount | TDS Rule |
| ₹1 करोड़ तक | कोई TDS नहीं कटता |
| ₹1 करोड़ से ज्यादा | 2% TDS काटा जाता है |
2) जिनका Income Tax Return फाइल नहीं है
अगर आपने पिछले 3 वर्षों में ITR फाइल नहीं किया है, तो नियम सख्त हो जाते हैं:
| Cash Withdrawal Amount | TDS Rate |
| ₹20 लाख से ज्यादा | 2% TDS काटा जाएगा |
| ₹1 करोड़ से ज्यादा | 5% TDS काटा जाएगा |
ज्यादा Cash Withdrawal के नुकसान
अगर आप बैंक से ज़रूरत से ज़्यादा नकद (Cash) निकालते होतो आपके लिए आर्थिक और कानूनी परेशानी का कारण बन सकती है। भले ही कैश निकालना गैर-कानूनी नहीं है, लेकिन तय सीमा से अधिक कैश निकालने पर Income Tax और बैंकिंग नियम लागू हो जाते हैं।
ये कुछ आम खतरे होते है।
1) TDS कटने का खतरा
अगर आप Income Tax Act की तय सीमा से ज्यादा कैश निकालते हैं, तो Section 194N के तहत बैंक आपके खाते से 2% या 5% TDS काट सकता है।
2) Income Tax Notice आने की संभावना
जभी कोई बड़ी कैश ट्रांजेक्शन होती तो बैंक उसकी जानकारी Income Tax Department को देता है। अगर आपकी इनकम और कैश निकासी में तालमेल नहीं हुआ, तो IT Notice आ सकता है।
3) Cash रखने का सुरक्षा जोखिम
ज्यादा नकद रखने से:
- अगर आपके पास ज्यादा नगद होतो हमेशा चोरी का खतरा बना होता है।
- गुम होने का डर
- आग या अन्य नुकसान की संभावना बढ़ जाती है।
4) ट्रांजेक्शन का रिकॉर्ड नहीं रहता
अगर आपके Cash Transaction का रिकॉर्ड नहीं होता। आपको भविष्य में प्रमाण देना मुश्किल हो सकता है। टैक्स ऑडिट में समस्या आ सकती है।
5) बैंक द्वारा पूछताछ (Scrutiny)
बार-बार या अचानक बड़ी रकम निकालने पर: बैंक कारण पूछ सकता है, डॉक्यूमेंट मांग सकता है, अकाउंट को High-Risk माना जा सकता है
Cash Withdrawal से बचने के Smart तरीके
- UPI / NEFT / RTGS का उपयोग करें
- Digital Payment को प्राथमिकता दें
- बड़े ट्रांजेक्शन बैंकिंग चैनल से करें
- बिज़नेस के लिए Current Account रखें
- समय पर ITR फाइल करें
निष्कर्ष (Conclusion)
Maximum Cash Withdrawal Limit को समझना आज के समय में बेहद जरूरी है। अगर आप बिना जानकारी के बड़ी मात्रा में कैश निकालते हैं, तो TDS, टैक्स नोटिस और परेशानी हो सकती है।
सही जानकारी और सही प्लानिंग के साथ आप बिना किसी परेशानी के अपने पैसे का सुरक्षित और प्रभावी उपयोग कर सकते हैं।
FAQ – Maximum Cash Withdrawal Limit
बैंक से Maximum Cash Withdrawal Limit कितनी है?
बैंक से कैश निकालने की कोई एक फिक्स लिमिट नहीं है। यह ATM, बैंक ब्रांच, अकाउंट टाइप और Income Tax नियमों पर निर्भर करती है।
ATM से एक दिन में कितना कैश निकाल सकते हैं?
आमतौर पर Saving Account से ₹20,000 से ₹40,000 और Premium Debit Card से ₹1,00,000 तक कैश निकाला जा सकता है।
क्या बैंक Branch से कितना भी कैश निकाल सकते हैं?
नहीं। बड़ी राशि निकालने पर PAN कार्ड, डॉक्यूमेंट और बैंक रिपोर्टिंग लागू होती है। ₹10 लाख या उससे ज्यादा की निकासी टैक्स विभाग को रिपोर्ट की जाती है।
क्या Cash Withdrawal पर सीधा टैक्स लगता है?
नहीं, सीधे टैक्स नहीं लगता। लेकिन तय सीमा से ज्यादा कैश निकालने पर Section 194N के तहत TDS कट सकता है।
Section 194N क्या है?
यह Income Tax Act की धारा है, जिसके तहत ज्यादा कैश निकालने पर बैंक द्वारा 2% या 5% TDS काटा जाता है।
ITR फाइल न करने पर Cash Withdrawal पर क्या असर पड़ता है?
अगर पिछले 3 साल से ITR फाइल नहीं की है, तो ₹20 लाख से ज्यादा कैश निकालने पर TDS लागू हो जाता है।
क्या TDS कटने के बाद पैसा वापस मिल सकता है?
हाँ। अगर आपकी टैक्स देनदारी कम है, तो ITR फाइल करते समय TDS का रिफंड क्लेम किया जा सकता है।
क्या Cash Withdrawal गैर-कानूनी है?
नहीं, कैश निकालना पूरी तरह कानूनी है, लेकिन तय लिमिट से ज्यादा होने पर टैक्स नियम लागू होते हैं।
ज्यादा Cash Withdrawal से क्या नुकसान हो सकता है?
TDS कटना, IT Notice आना, बैंक जांच, सुरक्षा जोखिम और Credit Profile पर असर पड़ सकता है।
ज्यादा Cash Withdrawal से बचने का सबसे अच्छा तरीका क्या है?
UPI, NEFT, RTGS और Digital Payment का उपयोग करना सबसे सुरक्षित और आसान तरीका है।

