इस लेख में हम Advance Tax को बिल्कुल आसान भाषा में समझेंगे — ताकि आप समय पर Tax भरें और किसी भी Penalty से बचें।
Advance Tax क्या होता है?
Advance Tax वह टैक्स है जो पुरे Finacial Year जो भी आप इनकम कमाते हो उसपे जो टैक्स इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को देना होता है। उसी टैक्स को साल के अंत में न देते हुए। उसके हर Quarter (3 month) में देना होता है।
Advance Tax एक बहुत ज़रूरी है क्योंकि यह साल के अंत में एक बड़ी रकम चुकाने के बोझ से बचने में मदद करता है। Advance Tax की स्कीम के तहत हर टैक्सपेयर को अपनी मौजूदा इनकम का अनुमान लगाना होता है और अगर उस अनुमानित इनकम पर टैक्स लायबिलिटी तय लिमिट से ज़्यादा होती है, तो टैक्सपेयर को फाइनेंशियल ईयर के दौरान ही Advance Tax टैक्स किस्तों में चुकाना होता है।

यदि आपकी सालाना टैक्स देनदारी (TDS & TCS घटाने के बाद) ₹10,000 या उससे अधिक बनती है, तो Advance Tax भरना अनिवार्य है।
इसे Pay As You Earn Tax क्यों कहा जाता है?
Advance Tax को “Pay As You Earn Tax” इसलिए कहा जाता है क्योंकि आप जैसे-जैसे सालभर में अपनी Income कमाते हैं, उसी समय उसका Tax भी सरकार को देते जाते हैं।
मतलब:
- पहले Income आती है,
- फिर उसी समय Tax का हिस्सा चुकाया जाता है,
- साल खत्म होने का इंतज़ार नहीं किया जाता।
यह Concept बताता है कि Tax उसी समय भरना चाहिए जब Income वास्तविक रूप से मिल रही है, ताकि साल के अंत में एक साथ भारी Tax का बोझ न पड़े।
Advance Tax क्यों जरूरी होता है?
Advance Tax एक टैक्स प्लानिंग का तरीका है जिसे अपनी इनकम को एस्टीमेट करके उसके किता टैक्स भरना होगा इसका अनुमान हम साल खतम होनेके पहले ही लागलेते है। ओर उसपे लगने वाला टैक्स का भी अंदाजा लगा लेते है। इसी समय टैक्स डिडक्शन इन्वेस्टमेंट प्लान क्र सकते है।
साल के अंत में अचानक से भारी टैक्स का बोझ अक्सर लोगों के लिए financial stress पैदा करता है। इसके अलावा, अगर समय पर टैक्स नहीं भरा गया तो Interest और Penalty भी लग सकती है। Advance Tax का सिस्टम इसे रोकता है।
Advance Tax समय पर भरने से न सिर्फ ब्याज और जुर्माना बचता है, बल्कि आप अपनी financial planning भी बेहतर तरीके से कर सकते हैं।
किन लोगों को Advance Tax भरना अनिवार्य है?
Income Tax Act की धारा 208 के अनुसार, एक टैक्सपेयर, चाहे वह सेल्फ-एम्प्लॉयड हो, प्रोफेशनल हो, या सैलरी वाला हो, उसे Advance Tax देना होगा अगर एक Financial Year में उसकी Tax Liability (TDS/TCS घटाने के बाद) ₹10,000 या उससे ज़्यादा है।
Advance Tax आमतौर पर उन व्यक्तियों और संस्थाओं के लिए ज़रूरी होता है जिनकी Tax Liability ज़्यादा होती है।
यहां मुख्य टैक्सपेयर ग्रुप दिए गए हैं.
जिन्हें एडवांस टैक्स पेमेंट करना होता है अगर उनकी Tax Liability ₹10,000 या उससे ज़्यादा है। :
1) Salary Earners (वेतन भोगी)
2) Business Owners / Professionals
3) Freelancers / Bloggers / YouTubers
4) Share Market Traders / Investors
5) Property Income वाले लोग
6) Senior Citizens (60+ वर्ष)
किन लोगों को Advance Tax भरना अनिवार्य नहीं है?
Senior Citizens
जिन सीनियर सिटिज़न्स के पास Intrest, Rent वगैरह जैसे का इनकम सोर्स है, उनके लिए Advance Tax पेमेंट की ज़रूरत से कम्प्लायंस में सच में मुश्किल होती है। इसलिए, ऐसे सीनियर सिटिज़न्स पर कम्प्लायंस का बोझ कम करने के लिए, Advance Tax पेमेंट से छूट उन दी गई है
कुछ कंडीशन है – उम्र 60 साल या उससे ज़्यादा होना, उनकी बिज़नेस इनकम चार्जेबल नहीं होना।
Advance Tax कैसे Calculate करें?
Step 1 – Calculate Annual Estimate Income (पुरे साल की इनकम)
- Salary
- Business Profit
- Rent Income
- Capital Gains
- Interest Income
- Freelance / YouTube / Blogging Income
Step 2 – Calculate Tax liability (टैक्स निकाले)
Old Regime / New Regime जिसके अनुसार आप tax भरते हैं।
Step 3 – TDS और TCS घटाएं
अगर आपका किसने TDS या TCS कटा होगा तो उसको इस मेसे less करे।
Step 4 – यदि Tax Liability ≥ ₹10,000 हो
अगर TDS या TCS adjust करने के बाद भी टैक्स 10,000 से ज्यादा हैं तो आपको Advance Tax भरना होगा।
| Particular | Amount |
| Gross Total Income | XXX |
| (-) Deductions Under Chapter VI | (XXX) |
| Net Total Income | XXX |
| Tax Liability | XXX |
| (+) Surcharge | XXX |
| (+) Health & Education Cess | XXX |
| Gross Tax Liability | XXX |
| (-) TDS/TCS | XXX |
| Net Tax Liability | XXX |

Advance Tax Due Dates (Quarter-wise Instalments)
Advance Tax को पूरे साल में चार installments (Quarter-wise) में भरना होता है। यह Installments Income Tax Act के अनुसार निर्धारित की गयी हैं। अगर समय पर Advance Tax भरने से Interest और Penalty (Section 234B/234C) से बचा जा सकता है।
Quarter-wise Instalments Chart
| Instalment | Due Date | Advance Tax Payment % |
| 1st Instalment | 15 जून को या उससे पहले | 15% of tax liability |
| 2nd Instalment | 15 सितंबर को या उससे पहले | 45% of tax liability (-) advance tax already paid |
| 3rd Instalment | 15 दिसंबर को या उससे पहले | 75% of tax liability (-) advance tax already paid |
| 4th Instalment | 15 मार्च को या उससे पहले | 100% of tax liability (-) advance tax already paid |
Taxpayers Opting Presumptive Taxation
जिन्होंने सेक्शन 44AD और 44ADA के तहत प्रिजम्प्टिव टैक्सेशन स्कीम चुन कर अपनी इनकम टैक्स return file करने वाले है। उनके लिए Advance Tax की Due Dates इस तरह हैं।
| Due Date | Advance Tax Payment % |
| On or before 15th March 2026 | 100% of advance tax |
Advance Tax न भरने पर क्या Penalty लगती है?
Income Tax Act में Advance Tax समय पर न भरने या गलत भरने पर Interest और Penalty लागू होती है। इसे Sections 234B और 234C के तहत लागू किया जाता है।
Section 234B – Interest (Advance Tax न भरने पर )
यदि आपने कुल Tax Liability का 90% से कम Advance Tax भरे , तो आपको Interest 1% प्रति माह के हिसाब से लगाया जाता है।
- यह Interest साल के अंत तक या ITR भरने तक लगाया जाता है।
- इसका उद्देश्य Taxpayer को समय पर Tax भरने के लिए प्रोत्साहित करना है।
Section 234C – Interest (Instalments समय पर न भरने पर)
यदि Quarterly Instalments (15 June, 15 Sept, 15 Dec, 15 March) में Tax का सही प्रतिशत नहीं भरा गया, तो Interest 1% अगले 3 month के हिसाब से लग सकता है। जितना अपने कम टैक्स भरा हो उसपे लगता है।
Penalty से बचने का तरीका
- Advance Tax का सही Estimate करें
- Quarter-wise Due Dates पर Tax भरें
- Income में बदलाव होने पर Adjust करें
- Challan Receipt सुरक्षित रखें
Advance Tax Calculation Example (सरल तरीका)
मान लीजिए आप एक फ़्रीलांसर / प्रोफेशनल / बिज़नेसमैन हैं और आपकी साल की अनुमानित Income इस प्रकार है:
1. Estimated Annual Income
- Freelancing Income: ₹10,00,000
- Expenses (allowed): ₹3,00,000
- Net Taxable Income = ₹7,00,000
2. Income Tax Calculation
| आपका साल भरका टैक्स है | ₹52,500 |
| Add 4% Health & Education Cess | ₹2,100 |
| Total Tax Liability | ₹54,600 |
3. अब Advance Tax कैसे भरे? (Due Dates के हिसाब से)
Advance Tax साल में आपको कुल ₹54,600 चार किस्तों में इस तरह भरना होगा:
| Due Date | Percentage | Amount Payable |
| 15 June | 15% | 54,600 × 15% = ₹8,190 |
| 15 Sept | 45% | 54,600 × 45% = ₹24,570 |
| 15 Dec | 75% | 54,600 × 75% = ₹40,950 |
| 15 March | 100% | 54,600 × 100% = ₹54,600 |
ध्यान दें: पहली तीन किस्तों में जो आपने भर दिया है, उसे आखिरी किस्त में Adjust किया जाता है।
निष्कर्ष – Advance Tax समय पर भरें और Penalty से बचें
Advance Tax Taxpayer के लिए एक स्मार्ट और उपयोगी तरीका है जिससे आप सालभर अपनी आय पर समय से टैक्स जमा करते हैं। इससे न सिर्फ Penalty से बचाव होता है, बल्कि पैसे की planning भी अच्छी होती है।
यदि आपकी tax liability ₹10,000 या उससे अधिक है, तो Advance Tax समय पर भरना आपकी financial stability और tax compliance — दोनों के लिए जरूरी है।
FAQs
Q1. क्या Advance Tax ITR में Adjust हो जाता है?
हाँ, पूरा Adjust हो जाता है।
Q2. क्या गलत calculation होने पर refund मिलेगा?
हाँ, ITR में Refund Claim कर सकते हैं।
Q3. क्या Share Market Profit पर Advance Tax लगता है?
हाँ, Capital Gains > ₹10,000 होने पर देना होगा।
Q4. क्या एक बार में पूरा Advance Tax दे सकते हैं?
हाँ, कोई रोक नहीं है।
Q5. क्या Advance Tax सिर्फ जून से मार्च तक ही भरा जाता है?
हाँ, ये Quarterly System है।
Q6. क्या हर कोई एडवांस टैक्स भर सकता है?
हाँ, चाहे आप सैलरीड हों, बिजनेस करें या फ्रीलांसर—अगर टैक्स देनदारी सीमा से ऊपर है तो भरना होता है।
Q7. Advance Tax कैसे भरा जाता है?
आप Income Tax Portal (TIN/NSDL) पर जाकर ऑनलाइन Net Banking/UPI से सीधे एडवांस टैक्स जमा कर सकते हैं।
Q8. अगर मेरी आय में बदलाव हो जाए तो क्या करेंगे?
आप अगले क्वार्टर में टैक्स बढ़ा/कम करके ठीक कर सकते हैं।
